आदरणीय प्रधानाचार्य जी, सभी शिक्षक गण और मेरे प्यारे साथियों,
आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ!
आज हम यहाँ भारत का 80वां स्वतंत्रता दिवस (या वर्तमान वर्ष के अनुसार) मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं। 15 अगस्त 1947 वह ऐतिहासिक दिन था जब हमारे देश को ब्रिटिश शासन की गुलामी से आजादी मिली थी।
यह दिन केवल उत्सव मनाने का नहीं, बल्कि उन महान स्वतंत्रता सेनानियों को याद करने का है जिन्होंने हमारे बेहतर भविष्य के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया। महात्मा गांधी, भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस, और चंद्रशेखर आज़ाद जैसे वीर नायकों के बलिदान की वजह से ही आज हम एक स्वतंत्र देश में सांस ले पा रहे हैं।
एक छात्र के रूप में हमारी जिम्मेदारी:
आजादी का मतलब केवल एक स्वतंत्र देश में रहना नहीं है, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक बनना भी है। आज हमारे सामने भ्रष्टाचार, प्रदूषण और निरक्षरता जैसी कई चुनौतियां हैं। हमें अपनी पढ़ाई और अनुशासन के माध्यम से इन समस्याओं को हल करने का संकल्प लेना चाहिए।
जैसे हमारे वीरों ने देश को आजाद कराया, वैसे ही हमें इसे 'विकसित भारत' बनाने का सपना पूरा करना है।
अंत में, मैं बस इतना ही कहना चाहूँगा:
"कुछ नशा तिरंगे की आन का है,
कुछ नशा मातृभूमि की शान का है,
हम लहराएंगे हर जगह ये तिरंगा,
नशा ये हिंदुस्तान के सम्मान का है!"
जय हिन्द, जय भारत!
आदरणीय प्रधानाचार्य जी, सभी शिक्षक गण और मेरे प्यारे साथियों,
आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ!
आज हम यहाँ भारत का 80वां स्वतंत्रता दिवस (या वर्तमान वर्ष के अनुसार) मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं। 15 अगस्त 1947 वह ऐतिहासिक दिन था जब हमारे देश को ब्रिटिश शासन की गुलामी से आजादी मिली थी।
यह दिन केवल उत्सव मनाने का नहीं, बल्कि उन महान स्वतंत्रता सेनानियों को याद करने का है जिन्होंने हमारे बेहतर भविष्य के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया। महात्मा गांधी, भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस, और चंद्रशेखर आज़ाद जैसे वीर नायकों के बलिदान की वजह से ही आज हम एक स्वतंत्र देश में सांस ले पा रहे हैं।
एक छात्र के रूप में हमारी जिम्मेदारी:
आजादी का मतलब केवल एक स्वतंत्र देश में रहना नहीं है, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक बनना भी है। आज हमारे सामने भ्रष्टाचार, प्रदूषण और निरक्षरता जैसी कई चुनौतियां हैं। हमें अपनी पढ़ाई और अनुशासन के माध्यम से इन समस्याओं को हल करने का संकल्प लेना चाहिए।
जैसे हमारे वीरों ने देश को आजाद कराया, वैसे ही हमें इसे 'विकसित भारत' बनाने का सपना पूरा करना है।
अंत में, मैं बस इतना ही कहना चाहूँगा:
"कुछ नशा तिरंगे की आन का है,
कुछ नशा मातृभूमि की शान का है,
हम लहराएंगे हर जगह ये तिरंगा,
नशा ये हिंदुस्तान के सम्मान का है!"
जय हिन्द, जय भारत!